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International Journal of Humanities and Arts
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Vol. 6, Issue 1, Part A (2024)

कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय की भूमिका के परिपेक्ष्य में नारियों के प्रति बदलता सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण

Author(s):

बबिता कुमारी, रेखा गुप्ता

Abstract:

बिहार, जहाँ महिला साक्षरता, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समानता को लेकर काफी चुनौतियाँ सामने रही हैं, वहाँ कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय जैसी सरकारी पहल ने काफी बदलाव लाने का कार्य किया है। यह योजना विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक समुदायों एवं गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों की लड़कियों के लिए लक्षित है | बिहार में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में लड़कियाँ विद्यालय पहुँच से दूर रहती थीं। “मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना” (2007 से लागू) ने माध्यमिक विद्यालयों तक पहुँचने के लिए साइकिल प्रदान कर 9वीं कक्षा में नामांकन बढ़ाया (उम्र अनुपयुक्त नामांकन में 32 % की वृद्धि एवं 12वीं में 18 % पासिंग रेट सुधार का आंकड़ा है )। कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय ने इस पृष्ठभूमि में आवासीय शिक्षा के माध्यम से लड़कियों की पढ़ाई आगे बढ़ाई है।

प्रस्तुत लेख में हम कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण पर प्रभावों का शोध सार प्रस्तुत करेंगे—कहाँ सफलता मिली, कौन सी चुनौतियाँ रहीं, और आगे की दिशा क्या हो सकती है।

Pages: 48-50  |  182 Views  91 Downloads


International Journal of Humanities and Arts
How to cite this article:
बबिता कुमारी, रेखा गुप्ता. कस्तूरबा गाँधी आवासीय बालिका विद्यालय की भूमिका के परिपेक्ष्य में नारियों के प्रति बदलता सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण. Int. J. Humanit. Arts 2024;6(1):48-50. DOI: 10.33545/26647699.2024.v6.i1a.250
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