वेद प्रकाश कुमार
पर्यटन एक बहु-आयामी एवं विश्वव्यापी गतिविधि है जिसका किसी देश या क्षेत्र के समाज, संस्कृति, पर्यावरण और आर्थिक परिस्थितियों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। आर्थिक और क्षेत्रीय विकास में पर्यटन का योगदान महत्वपूर्ण है। हाल ही में पर्यटन को आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक के रूप में स्वीकार किया गया है। यह राजस्व और रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। पर्यटन उद्योग अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ लोगों को आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करता है। यह श्रम प्रधान क्षेत्र के रूप में, पर्यटन कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए रोजगार पैदा करता है जिससे लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है। यह पर्यावरण संरक्षण और विविध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखता है। इसे व्यापक रूप से वैश्विक महत्व की एक बुनियादी और वांछनीय मानवीय गतिविधि के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसमें टूर संचालन, ट्रैवल एजेंसियों, होटल, गंतव्यों, संगठनों के विकास और प्रचार, एयरलाइंस, सड़क, रेल और जल परिवहन, मनोरंजन, व्यंजन आदि विविध संचालन शामिल हैं। भारत की विविधता प्रत्येक प्रकार के पर्यटन को प्रसिद्ध बनाती है। इसी विविधता की चर्चा रस्किन बॉण्ड ने भी की है। रस्किन बॉण्ड के शब्दों में भारतवर्ष अपने आप में पूरा विश्व है”। वर्तमान में पर्यटन भारत में सबसे बड़ा सेवा उद्योग है। वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल के अनुसार भारत में पर्यटन उद्योग ने 2018 में 87.5 मिलियन लोगों को रोजगार दिया जो कुल रोजगार का 12.75 प्रतिशत था।
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