Red Paper
Contact: +91-9711224068
  • Printed Journal
  • Indexed Journal
  • Refereed Journal
  • Peer Reviewed Journal
International Journal of Humanities and Arts
Peer Reviewed Journal

Vol. 7, Issue 2, Part B (2025)

ग्रामीण महीलाओं के आर्थिक एवं समाजिक सशक्तिकरण में मनरेगा की भूमिका

Author(s):

सौरभ, अजय कुमार मीना

Abstract:

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार मनरेगा के तहत महिलाओं, एस.सी./एस.टी. और अन्य सामाजिक समूहों की भागीदारी में भी राज्यों के बीच महत्वपूर्ण अंतर हैं, उसे ध्यान में रखते हुए भारत सारकार के द्वारा अनुसूची-II, पैरा-15 के अनुसार, मनरेगा के लाभार्थियों में से कम से कम एक तिहाई महिलाएँ होनी चाहिए ऐसा प्रावधान किया गया है। भारत के वित्तीय वर्ष 2013-14 में महिला भागीदारी 48 प्रतिशत एवं वर्ष 2019-20 में 54.79 थी जो बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 58.89 प्रतिशत हो गया है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से मनरेगा के तहत इन महिला संगठनों द्वारा विभिन्न योजना, निगरानी और पर्यवेक्षण चरणों (केरल सरकार, 2011) में कार्यान्वित किया जा रहा है। केरल के बाहर, इस प्रकार की संगठित महिला समूह की भागीदारी स्पष्ट नहीं है। आॅकड़ों से स्पष्ट है कि राष्ट्रीय औसत 66 प्रतिशत से अधिक महिला भागीदारी वाले राज्यों क्रमशः केरल, पुंडुचेरी, तमिलनाडु, गोवा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश हैं जो बेहतर वेतन और कामकाजी परिस्थितियों, सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रभाव और महिला श्रम बल भागीदारी की सांस्कृतिक स्वीकृति का परिणाम है। जबकि जम्मू और कश्मीर, लक्षद्वीप, दादर व नागर हवेली एवं दमन व दीव आदि में महिलाओं की भागीदारी 33 प्रतिशत की वैधानिक आवश्यकता से कम पाई गई। मनरेगा परियोजनाओं में कम महिला भागीदारी प्रचलित सामाजिक मानदण्डों, घरेलू कर्तव्यों और सशक्तिकरण के निम्न स्तर के कारण है। लेकिन समय के साथ अधिकांश राज्यों में पहले से अधिक महिलाएँ इसका लाभ उठा रही हैं जिससे महिलाओं का आर्थिक व सामाजिक उत्थान में वृद्धि हुई है।

Pages: 108-113  |  507 Views  129 Downloads


International Journal of Humanities and Arts
How to cite this article:
सौरभ, अजय कुमार मीना. ग्रामीण महीलाओं के आर्थिक एवं समाजिक सशक्तिकरण में मनरेगा की भूमिका. Int. J. Humanit. Arts 2025;7(2):108-113. DOI: 10.33545/26647699.2025.v7.i2b.200
Journals List Click Here Other Journals Other Journals